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मुख्यमंत्री के काफिले ने कुचल कर मार डाला
7 दिसंबर 2013 - आज मुजफ्फरपुर के पारु थाना इलाके में सीएम का काफिले एक अधिवक्ता को कुचलता हुआ आगे बढ़ गया। ताज्जुब यह की सीएम पायलट ने उसे उलटकर देखने की भी जहमत नहीं उठाई। किसी तरह स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल को स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया। बुरी तरह कुचले जाने के कारण व्यक्ति की स्थित नाजुक होने पर उसे एसकेएमसीएच रिफर कर दिया गया। परंतु इस दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
अक्टूबर में भी मुख्यमंत्री काफिले ने तीन व्यक्तियों की हत्या की थी
बीते 8 अक्टूबर को सीएम काफिले ने जमुई में तीन निर्दोष व्यक्तियों को कुचल दिया था। घमंड में चूर कारकेड के अफसरों ने गति इतनी तेज कर दी थी कि 7 पुलिसकर्मी भी बुरी तरह घायल हो गये थे।
मीडिया में नहीं आ पा रहीं ऐसी खबरें
दरअसल, नीतिश कुमार जनविरोध से इतने डरे हुए हैं कि वे चाहते ही नहीं की उन्हें काफिले में जनता देख भी पाये और इसलिए कारकेड की स्पीड बहुत तेज कर दी गई है। भाजपा से कन्नी के बाद नीतिश कुमार को लगातार काले झंडे दिखाये जा रहे है। बीते सप्ताह तो उनके गृह जिला नालंदा में ही जनता ने उन्हे घेर लिया था। जर्बदस्त विरोध के बीच पुलिस बल को अंततः लाठीचार्ज कर सीएम को किसी तरह बाहर निकाल पाये। इसके आलावा बिहार के कांटी में पिछले महीने बहुत करीब से हवा में जूता उछाला गया था जिसे अफसरों ने हाथों हाथ कैच कर लिया... वरना खराब 'फिल्डिंग' के कारण सब सस्पेंड हो जाते।
विरोध का आलम ऐसा भी
नीतिश कुमार के विरोध का दायरा और आवेश दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते 13 सितंबर 2013 को पटना के रविन्द्र भवन की बिजली उस वक्त काट दी गई, जब सीएम वहाँ पहुँचने वाले थे।। इसकी खबर सीएम तक पहुँच चुकी थी पर ऐन मौके पर कार्यक्रम को रद्ध करना संभव न था। पूरे कार्यक्रम के दौरान जेनरेटर से काम हुआ। इस पूरे मुद्दे पर सीएम ने चुप रहना ही मुनासिब समझा।
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| Photo Coutesy - PTI , a sample image only |
बीते 8 अक्टूबर को सीएम काफिले ने जमुई में तीन निर्दोष व्यक्तियों को कुचल दिया था। घमंड में चूर कारकेड के अफसरों ने गति इतनी तेज कर दी थी कि 7 पुलिसकर्मी भी बुरी तरह घायल हो गये थे।
मीडिया में नहीं आ पा रहीं ऐसी खबरें
दरअसल, नीतिश कुमार जनविरोध से इतने डरे हुए हैं कि वे चाहते ही नहीं की उन्हें काफिले में जनता देख भी पाये और इसलिए कारकेड की स्पीड बहुत तेज कर दी गई है। भाजपा से कन्नी के बाद नीतिश कुमार को लगातार काले झंडे दिखाये जा रहे है। बीते सप्ताह तो उनके गृह जिला नालंदा में ही जनता ने उन्हे घेर लिया था। जर्बदस्त विरोध के बीच पुलिस बल को अंततः लाठीचार्ज कर सीएम को किसी तरह बाहर निकाल पाये। इसके आलावा बिहार के कांटी में पिछले महीने बहुत करीब से हवा में जूता उछाला गया था जिसे अफसरों ने हाथों हाथ कैच कर लिया... वरना खराब 'फिल्डिंग' के कारण सब सस्पेंड हो जाते।
विरोध का आलम ऐसा भी
नीतिश कुमार के विरोध का दायरा और आवेश दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते 13 सितंबर 2013 को पटना के रविन्द्र भवन की बिजली उस वक्त काट दी गई, जब सीएम वहाँ पहुँचने वाले थे।। इसकी खबर सीएम तक पहुँच चुकी थी पर ऐन मौके पर कार्यक्रम को रद्ध करना संभव न था। पूरे कार्यक्रम के दौरान जेनरेटर से काम हुआ। इस पूरे मुद्दे पर सीएम ने चुप रहना ही मुनासिब समझा।
Amit Sinha is a bilingual Columnist. He can be contacted at facebook.amit

