अरे.....नीतीश 1
अपने चिर परिचित गंवई अंदाज के लिए मशहूर लालू ने आज
परिवर्तन रैली के मंच से नीतिश सरकार पर सीधा हमला किया। बार-बार अरे....नीतिश का
उवाच कर उन्होने नीतिश को खुली चुनौती दी। हालांकि अत्यधिक गर्मी के कारण भीड तो
उम्मीद से कम दिखी ही, लोगों के उत्साह में भी कमी थी।
दोपहर के ठीक साढे तीन बजे लालू ने माइक थामते ही
नीतिश सरकार को आरएसएस का तोता बताया। लालू ने कहा कि नीतिश राज में अल्पसंख्यकों
पर जुल्म हो रहें है। कई जिलों से मुस्लिम युवकों को आतंकवादी बताकर उन्हें
गिरफ्तार किया जा रहा है।
इससे पहले मंच पर फैली अव्यवस्था पर विफरे लालू ने
तमाम छायाकारों को मंच से उतरवाया। पहले तो उन्होने "सिंहम्" अंदाज में
मंच पर चहलकदमी कि फिर पार्टी के तमाम नेताओं के बीच राबड़ी देवी के बगल में बैठ
गये। राज्यसभा सांसद रामकृपाल यादव, तस्लमुद्दीन, विधानसभा
में विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दकी, मीना देवी, गुलाम गौस समेत दर्जनों नेता मंच पर मौजूद थे।
अरे.....नीतीश 2
लालू ने नीतीश कुमार पर अपराधियों को संरक्षण देने का
आरोप लगाया और कहा कि खगड़िया की जदयू विधायक पूनम देवी के पति रणवीर यादव ने जब
बाड़ीगार्ड की कार्बाइन छीनकर फायरिंग की तो नीतिश कुमार ने उसे सही बताया। लालू
ने परिवर्तन रैली के मंच से बजाब्ता नीतीश का नाम लेकर कहा की, अरे...नीतीश
हम आ रहे है, और तुमको भगाने वाले है। हमारी सरकार बनेगी और
हम सारे नियोजित शिक्षकों को नियमित कर देंगे।
अपेक्षा से कम भीड़ की परवाह न करते हुए लालू ने सिंह
की भांति खूब गर्जना की। आगे उन्होने कहा कि लालू जो बोलता है वही करता है। लालू
ने कहा कि जिन सवर्णों ने नीतिश को वोट देकर दुबारा मुख्यमंत्री बनाया वे आज खुद
को ठगा हुआ महशूस कर रहे है, पछता रहे है। लालू ने कहा कि वर्तमान
सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। चापानल तक लगवाने के लिए लोगों को बीडीओ के
दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते है और घूस देना पड़ता है। अफसरशाही ने पूरे प्रदेश
को गिरफ्त में ले लिया है, लेकिन सूबे के मुखिया चुप है।
राजधानी पटना का किया कचरा
परिवर्तन रैली के मंच से राबड़ी देवी ने काफी आक्रमक
मुद्रा में नीतीश सरकार की बखिया उधेड़ी। राबड़ी देवी ने कहा की नीतिश ने राजधानी
पटना का नाश कर दिया है। परिवर्तन रैली के बहाने लालू-राबड़ी के दोनो पुत्र तेज
प्रताप और तेजस्वी यादव को राजनीति में लाने के आरोपों को खारिज करते हुए राबड़ी
देवी ने कहा कि पुरा बिहार उनका परिवार है। राजद का हर युवा कार्यकर्ता पार्टी का
उतराधिकारी हो सकता है। इसके आगे राबडी देवी ने कहा कि अपने राज-काज के दिनों में
उन्होने "सब के लिए काम किया"।
लालू-राबड़ी के दोनो पुत्र तेज प्रताप और तेजस्वी
यादव ने मंच पर आकर लोगों का अभिवादन किया। हाथ हिलाकर उन्होने भीड़ को धन्यवाद
दिया और मीडिया छायाकारों ने भी खूब फ्लैश चमकाये। मालूम हो कि यह पहली बार है जब
गांधी मैदान के मंच पर पूरा लालू परिवार एक साथ नजर आया। इसी कारण राजनैतिक दलों
ने लालू पर परिवारवाद को प्रोमोट करने का आरोप लगाया है।
मालूम हो कि रैली, रैला और महारैला के लिए मशहूर लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने काफी अर्से(लगभग दस साल) बाद रैली का आयोजन किया है। इससे पहले सत्ता में रहते हुए लालू ने लठ्ठमार रैली का आयोजन किया था। भीड़ जुटाने के उद्देश्य से 13 बिशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही 5000 बसें और कार्यकर्तोओं की ओर से अनगिनत प्राईवेट गाड़ियो का बन्दोबस्त था। पटना प्रशासन ने पूरी रैली के लिए विशेष विडियों मानिटरिंग की व्यवस्था की थी। पटना जंक्शन, जीपीओ गोलंबर, वेटनरी कालेज ग्राउंड समेत दर्जनों स्थान पर पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मंगलवार की देर शाम ही पहुँचने लगे थे। इन सब के बाबजूद लालू की इस रैली में भीड़ की पुनरावृति न हो सकी।
मालूम हो कि रैली, रैला और महारैला के लिए मशहूर लालू की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने काफी अर्से(लगभग दस साल) बाद रैली का आयोजन किया है। इससे पहले सत्ता में रहते हुए लालू ने लठ्ठमार रैली का आयोजन किया था। भीड़ जुटाने के उद्देश्य से 13 बिशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही 5000 बसें और कार्यकर्तोओं की ओर से अनगिनत प्राईवेट गाड़ियो का बन्दोबस्त था। पटना प्रशासन ने पूरी रैली के लिए विशेष विडियों मानिटरिंग की व्यवस्था की थी। पटना जंक्शन, जीपीओ गोलंबर, वेटनरी कालेज ग्राउंड समेत दर्जनों स्थान पर पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मंगलवार की देर शाम ही पहुँचने लगे थे। इन सब के बाबजूद लालू की इस रैली में भीड़ की पुनरावृति न हो सकी।


