Pages

BJP seems happy over Maharajganj Loss to NDA



कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगीयूँ ही कोई बेवफा नहीं होता
प्रेस को संबोधित करते हुए रूड़ी बोले तो कई मुद्दों पर परंतु महाराजगंज चुनाव परिणामों पर ही रूड़ी और तमाम प्रेस प्रतिनिधियों की दिलचस्पी थी। रूड़ी ने इस हार को सिर्फ नीतिश या जदयू की नहीं ब्लकि एनड़ीए की हार बताया। परंतु यह भी कहा कि, जदयू को राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व के बिंदुओ पर विचार करना चाहिए। प्रदेश में नीतिश कुमार अच्छा काम कर रहे हैं, परंतु एनड़ीए को पूरे राष्ट्र के नेतृत्व के लिए पुकारा जा रहा है। महाराजगंज चुनाव परिणाम को उन्होंने एक सदमा बताया।

गुजरात भाजपा की जबर्दस्त जीत को 2014 आम चुनावों की दस्तक बताते हुए रूड़ी ने कहा कि क्रांगेस अपनी अंतिम सांसे गिन रही है और निश्चित ही देश में आगामी सरकार भारतीय जनता पार्टी की होगी।

मालूम हो कि जदयू प्रत्याशी और राज्य के शिक्षा मंत्री पी के शाही ने आरोप लगाया था की भाजपा के भीतरघात की वजह से उनकी हार हुई। इस मुद्दे पर सफाई देते हुए रूडी ने कहा कि शाही हार की वेदना में हैं और ऐसे बयानों को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत नहीं है।

इससे पहले बुधवार को पी के शाही की करारी हार(1.37 लाख से अधिक वोट से) के बाद राजनीतिक हलकों में उनसे इस्तीफे की माँग शुरू हो गई थी। रूड़ी ने ऐसी किसी माँग को बेबुनियाद बताया और साफ किया की पी के शाही को पद से इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राजीव प्रताप रूड़ी ने गुरूवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में जब इन शब्दों को दुहराया,तो जदयू-भाजपा की दूरी और दर्द को भाँपने में कोई दुविधा नहीं रही। महाराजगंज चुनाव में एनडीए उम्मीदवार पीके शाही की हार के बाद प्रदेश भाजपा की यह पहली औपचारिक प्रतिक्रिया थी।