The article originally appeared on http://www.palpalindia.com on Jan 30,2013
समाजसेवी अण्णा हजारे ऩे आज पटना के ऐतिहासिक
गाँधी मैदान से "जनतंत्र मोर्चा" संगठन की घोषणा की। मंच से अपनी घोषणा
में उन्होने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए यह संगठन लड़ता रहेगा। साथ ही
उन्होने कहा कि केंद्र की UPA सरकार को मजबूत लोकपाल लाना ही होगा अन्यथा उसे
सत्ता से बाहर कर दिया जायेगा।
अरविंद केजरीवाल से अलग होने के बाद यह
अण्णा की पहली रैली थी। उन्होने साफ किया कि यह मोर्चा एक गैर-राजनीतिक मोर्चा है
और यह कभी चुनाव नहीं लड़ेगा। अण्णा ने कहा कि सत्ता की लालच से दूर यह मोर्चा
जनकल्याण और भ्रष्टाचार-मुक्त मौहोल बनाने के लिए संघर्ष करेगा।
मंच से अपने भाषण के दौरान जोशपूर्ण अंदाज
में अण्णा ने लोगों का आह्वान किया कि वे "जनतंत्र मोर्चा" से
अधिक-से-अधिक संख्या में जुड़ें और इसे "आजादी की दूसरी लड़ाई" मानें। अण्णा ने कहा कि UPA सरकार को डर है कि अगर
वह लोकपाल बिल को सिविल सोसायटी के ड्राफ्ट के अनुसार पारित करवाती है तो वह खुद
सत्ता से बाहर हो जायेगी क्योंकि CBI और CVC जैसी संस्थानो को इस बिल से आटोनामी मिल जायेगी।
अण्णा ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गाँधी का एक पत्र उन्हे रालेगण सिद्धी में पिछले सप्ताह मिला। जिसमें
सोनिया गांधी ने लोकपाल बिल को बजट सत्र में पास करवाने का वादा किया। ज्ञातत्व है
कि मजबूत लोकबाल बिल को पास करवाने के लिए ही अण्णा आंदोलनरत हैं।
हालांकि अण्णा ने यह भी दुहराया कि लोकपाल
बिल कोई रामबाण नहीं है जो समाज और राजनीति से भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म कर
देगा। इससे भ्रष्टाचार का सिर्फ 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा ही नियंत्रित हो पायेगा।
Amit Sinha is a Research Journalist. He is available at Amit Sinha
